देशभक्ति का सॉलिड ब्रांड है अक्षय कुमार

Ravi Namdev

Entertainment

एक्शन के लिए सलमान, रोमांस के लिए शाहरूख और परफेक्शन के लिए आमिर लेकिन अगर ये सब किसी एक में ही चाहिए हो तो वो है अक्षय कुमार। बॉलीवुड में खिलाड़ी कहलाने वाले अक्षय कुमार रील और रीयल लाइफ दोनों ही जगह खिलाड़ी है।खिलाड़ी अक्षय को इन दिनों लोग देशभक्त अक्षय के नाम से भी बुलाने लगे है। अक्षय कुमार इंडिया ही नहीं विदेशों में भी ऑडियंस के दिलों पर राज करते है उनकी अधिकतम फिल्में हिट होती है। 9 सितंबर को उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको बताने जा रहे है उनकी फिल्मों और उनकी जिंदगी के बारें में कुछ ख़ास बातें…

9 सितंबर 1967 को जन्मे राजीव भाटिया यानी अक्षय कुमार का जन्म अमृतसर में हुआ था। अक्षय कुमार के पिता फौज में थे। अक्षय कुमार बचपन में ही एक डांसर के रूप में पहचान पा चुके थे। उनके मुंबई और फिल्मों में आने का सफर काफी लंबा और संघर्षभरा है। मुंबई आने से पहले अक्षय कुमार दिल्ली के चांदनी चौक में रहते थे। अपनी पढ़ाई उन्होंने खालसा कॉलेज से की थी, जहा उन्होंने खेलों में रूचि दिखाई।

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बैंकॉक से बदली जिंदगी
फिल्मों में करियर बनाने से पहले अक्षय कुमार बैंकॉक गए। यहां पर उन्होंने मार्शल आर्टस की ट्रेनिंग ली। यही पर वे एक शेफ और वेटर के रूप में भी काम करते थे। बैकॉक से ही अक्षय कुमार की जिंदगी बदली। यहां पर मार्शल आर्ट्स का उनके एक स्टूडेंट ने उन्हें मॉडलिंग में आने के लिए कहा। उनका स्टूडेंट एक फोटोग्राफर था। उसी की बात सुनकर अक्षय ने मॉडलिंग करने का फैसला लिया। उनके स्टूडेंट ने उन्हें एक कंपनी में असाइनमेंट दिलवाया। इस असाइनमेंट में उन्हें दो घंटे तक कैमरे के सामने पोज देने के लिए 5000 रूपये मिलते थे।

शुरूआत में मिली असफलता
1991 में अक्षय कुमार को अपनी पहली फिल्म मिली दीदार, जिसमें उनके अपोजिट थी करिश्मा कपूर। ये फिल्म ज्यादा तो नहीं चली लेकिन इस फिल्म का एक गाना ‘हम अपनी मोहब्बत का इंतेहान देंगे‘ आज भी उनके फैन्स की जुबान पर सुना जाता है। इस फिल्म की असफलता के बाद अक्षय की दूसरी फिल्म आई सौगंध। ये भी बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही।

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खिलाड़ी ने दिलाई पहचान
साल 1992 में भारतीय सिनेमाघरों में 5 जून को एक धमाका हुआ। ये धमाका था ‘खिलाड़ी’ का धमाका। साल 1992 में अक्षय कुमार की तीसरी फिल्म ‘खिलाड़ी’ आई। इस फिल्म से अक्षय ने अपनी पहचान बनाई। अक्षय कुमार की इस फिल्म ने बॉलीवुड में उनकी पहचान बनाने में बहुत मदद की। इस फिल्म के हिट होने के बाद ही डायरेक्टर उन्हें लेकर खिलाड़ी नाम से अलग-अलग फिल्में बनाने लगे।

खिलाड़ी के बाद बने रोमेंटिक हीरो…Next Page

खिलाड़ी के बाद बने रोमेंटिक हीरो
साल 1993 उनके लिए कुछ ख़ास नहीं रहा। लेकिन 1994 में उनकी ‘मै खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘मोहरा’ सबसे ज्यादा सफल रही। इसी साल उनकी एक और फिल्म आई ‘ये दिल्लगी’ इसे यश चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। ये फिल्म अक्षय कुमार के लिए काफी सफल साबित रही। इसी फिल्म में अक्षय ने रोमेंटिक किरदार निभाया था जो उनके एक्शन वाले किरदार के बिलकुल उलट था। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग के लिए उन्हें फिल्मफेयर और स्टार स्क्रीन के लिए नॉमिनेट भी किया गया था।

1995 में आई उनकी फिल्म सबसे बड़ा खिलाड़ी ने एक बार फिर से सिनेमाघरों में धमाल मचाया। इसके बाद फिल्म खिलाड़ियों का खिलाड़ी में वे रेखा और रवीना टंडन के साथ नज़र आए। साल 1995 उनके लिए सबसे ज्यादा सफल रहा। साल 1997 में उन्होंने दिल तो पागल में है में गेस्ट एक्टर की भूमिका निभाई। इसके बाद आई एक और खिलाड़ी फिल्म ‘मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी भी सिनेमाघरों में सुपरहिट रही।
अक्षय कुमार खिलाड़ी सीरिज की हर फिल्मों में फिट रहे। इनके साथ ही अक्षय ने साल 1999 में संघर्ष और जानवर फिल्म भी की थी जिनमें एक्टिंग के लिए उनकी काफी सराहना हुई लेकिन ये फिल्में बॉक्स पर ज्यादा नहीं चली।

कॉमेडी के भी खिलाड़ी
ऐसा नहीं है कि अक्षय को मार्शल आर्ट्स आता था तो वे सिर्फ एक्शन फिलमों में ही फिट रहे। उन्होंने रोमेंटिक फिल्में कर इस मिथक को तो तोड़ा ही पर साल 2000 में उन्होंने अपने कॉमेडी फिल्मों की तरफ रूख किया। उनकी फिल्म ‘हेरा फेरी’ बॉक्स ऑफिस पर जबरजस्त हिट रही। इस फिल्म में उनके कॉमेडी रोल की काफी सराहना की गई। इस फिल्म की सफलता के साथ ही उन्होंने ‘आवारा पागल दीवाना और गरम मसाला जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में इस साल की। कॉमेडी के साथ ही उन्होंने फिल्म ‘धड़कन’ भी की, जिसमें वे एक रोमांटिक पति के रूप में नज़र आए।

विलेन बने तो मिला अवार्ड…Next Page

विलेन बने तो मिला अवार्ड
अक्षय एक के बाद अलग-अलग जॉनर की फिल्मे कर रहे थे। लेकिन साल 2001 में बारी थी अक्षय के कुछ अलग करने की। इस साल उन्होंने सिनेमाघरों में विलेन बनकर एंट्री ली। साल 2001 में आई उनकी फिल्म ‘अजनबी’ में अक्षय ने एक विलेन का रोल निभाया जिसे ऑडियंस ने खूब सराहा। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट विलेन के लिए फिल्म फेयर अवार्ड मिला।

अक्षय ने अब साबित कर दिया था कि वे किसी भी जॉनर की फिल्म कर सकते है। इन फिल्मों के बाद अक्षय ने कई ड्रामा फिल्में भी की जिसमें उन्होंने बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन के साथ में काम किया। ड्रामा फिल्मों में उनकी हिट फिल्मे एक रिश्ता, आँखें, बेवफा, वक्त है। इन फिल्मों के बाद अक्षय ने फिर हेरा फेरी, जान-ए-मन, भागमभाग, नमस्ते लंदन, हे बेबी, भूलभुलैया और वेलकम जैसी हिट फिल्में की।

रियालिटी शो में भी बनाया मुकाम…Next Page

रियालिटी शो में भी बनाया मुकाम
अक्षय एक तरफ तो हिट फिल्में दे रहे थे वहीं वे छोटे पर्दे पर भी कमाल कर गए। 2010 में उन्होंने एक रियालिटी शो ‘मास्टर शेफ ऑफ इंडिया’ भी होस्ट किया। इस रियालिटी शो को ऑडियंस द्वारा काफी सराहा गया और इस शो के कई सीजन बाद में बनाए गए। इसके अलावा अक्षय कुमार ने खतरों के खिलाड़ी भी होस्ट किया था उनका ये शो टीवी पर काफी फेमस हुआ था।

अक्षय कुमार की निजी जिंदगी में भी वे काफी सफल है। साल 2001 में उन्होंने राजेश खन्ना की बेटी ट्विंकल खन्ना से शादी की। शादी के बाद उनका बेटा आरव इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता हैं। अक्षय कुमार शुरू से ही अपनी फैमेली को मीडिया से दूर रखते है इन दिनों अक्सर अक्षय अपनी बेटी के साथ दिखते है लेकिन उसका चेहरा वे कभी नहीं दिखाते।

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देशभक्त अक्षय
एक तरफ जहां बॉलीवुड में हिट फिल्मों के लिए सिर्फ ख़ान को ही चुना ही जाता है ऐसे में अक्षय कुमार अपनी हिट फिल्मों से ऑडियंस के दिलों में अलग जगह बनाते हैं। उनकी अलग-अलग जॉनर की फिल्में ऑडियंस को खूब भाती है। इन दिनों खिलाड़ी देशभक्त बने है। कुछ दिनों पहले ही आई उनकी फिल्म रूस्तम ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल कर दिया। उनकी ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी हिट रही। एक देशभक्त नेवी ऑफिसर के रूप में अक्षय के ये एक्टिंग वाकई दमदार थी। इससे पहले आई उनकी फिल्म ‘एयरलिफ्ट’ भी सुपरहिट रही थी।

अक्षय की अलग-अलग जॉनर की फिल्में ही साबित करती है कि वे वाकई में खिलाड़ी है। वे हर साल कुछ न कुछ अलग और नया करते है। अक्षय की ऐसी ही सुपरहिट और अलग फिल्मों का इंतजार हमेशा रहेगा।