Monday, October 23rd, 2017 11:47:06
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पनामा से बोफोर्स तक पांच विवादों में जुड़ा महानायक अमिताभ बच्चन का नाम




पनामा से बोफोर्स तक पांच विवादों में जुड़ा महानायक अमिताभ बच्चन का नामEntertainment

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सदी के महानायक, बॉलीवुड के शहंशाह, बीग बी, एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन आज भी सभी के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनके बोलने के लहजे से उनकी स्टाइल, दाढ़ी आज भी लोगों को पसंद हैं। डाउन टू अर्थ रहकर लोगों से बात करने वाले अमिताभ ने कई बॉलीवुड में सुपरहिट फिल्में दी है। आज भी उनके फैंस उन्हें सिल्वर स्क्रीन पर देखना और सुनना पसंद करते हैं। फिर चाहे वह बच्चे हो या बुढ़े। उन्हें आज भी कई फैंस अपना आईडियल पर्सन मानते हैं। लेकिन अमिताभ बच्चन के कुछ कॉन्ट्रोवर्सी में आने के बाद लोगों का उनके प्रति नज़रिया भी बदला तो कुछ ने उन्हें प्रोटेक्ट भी किया। आइये जानते है अमिताभ बच्चन से जुड़ी कॉन्ट्रोवर्सी के बारे में जिनसे उनकी छवि पर सवाल उठा तो गांधी परिवार से नाता भी टूटा।

1. पनामा पेपर्स

पनामा लीक्स के बाद भारत के नेताओं के साथ ही बॉलीवुड के कई दिग्गज़ सितारों का नाम भी शामिल हैं, जिसमें से एक अमिताभ बच्चन का नाम भी शामिल है। उन पर आरोप लगा था कि वह 5 हजार से 50 हजार डॉलर के मध्य वाली कंपनियों के डायरेक्टर है। समाचार पत्र ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के द्वारा खुलासा हुआ था कि अमिताभ दो कंपनियों की मीटिंग में कॉन्फ्रेंस टेलिफोन के जरिए शामिल हुए थे। उनकी दो कंपनी थी पहली – बहामास की ट्रंप शिपिंग लिमिटेड और ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड की सी बल्क शिपिंग कंपनी लिमिटेड। लेकिन अमिताभ ने सफाई देते हुए कहा कि, ‘‘मैं कानून को मानने वाला सिटीजन हूं। मैं उन कंपनियों के बोर्ड डायरेक्टर में कभी नहीं रहा। मैं खुश हूं कि सरकार जांच कर रही हैं। मैं खुद जानना चाहता हूं कि उन कंपनियों में मेरा नाम कैसे आया?’’ सरकार ने हाल ही में इसे लेकर जवाब दिया है कि दोषियों नाम आने पर सजा जरूर मिलेगी।

पनामा पेपर्स में नाम आने पर अमिताभ बच्चन को अतुल्य भारत का ब्रांड एंबेसडर नहीं बनाया गया। अतुल्य भारत देसी – विदेशी पर्यटकों के लुभाने का कैंपेन भारत सरकार की योजना थी।

2.बोफोर्स

बोफोर्स को देश का अब तक का सबसे बड़ा कांड माना जाता है। जिसमें अमिताभ बच्चन का नाम उछाला गया था। अमिताभ के साथ ही तत्कालीन पीएम राजीव गांधी का भी नाम था जिन पर रिश्वत लेने का आरोप लगा था। रिपोर्टस के मुताबिक 25 साल बाद जब बोफोर्स का फैसला आया था तब अमिताभ ने अपना दर्द बयां कर कहा था कि, ‘‘इस घोटाले में मेरे परिवार और मुझ पर आरापे लगे, उन्होंने हमारे अस्तित्व को भी अभी तक के सबसे बुरे रंग में पेश किया।’’ इस मामले के 25 साल फैसले के बाद राजीव गांधी और अमिताभ को क्लीन चीट मिल गई थी। लेकिन साथ में खेले राजीव और अमिताभ के परिवारों में दरार आ गई जिसके बाद से उनके बीच बातचीत नहीं हुई। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस पर क्लिक करें –राजनीति के मैदान से कारगिल की जंग तक, बोफोर्स ने ऐसे बरसाया कहर

3. ट्वीट का रिप्लाय नहीं देने पर रीट्वीट किया अमिताभ ने

सोनम से पहले भी अमिताभ ने रणबीर सिंह को बर्थ डे पर रिप्लाए नहीं करने पर डांट लगाई थी। रणबीर सिंह का बर्थ डे 14 जुलाई 2017 को था उस समय अमिताभ ने रणबीर सिंह को मैसेज करके बर्थ डे विश किया था पर रणबीर ने उनका जवाब नहीं दिया था। अमिताभ के ट्वीट को पढ़ने के बाद रणबीर ने उनका रिप्लाई किया। जिस पर अमिताभ ने उन्हें लताड़ लगाई थी।

हाल ही में सोनम कपूर के साथ भी यहीं हुआ था जब अमिताभ ने सोनम को ट्वीट कर बर्थ डे विश किया था। लेकिन सोनम ने उनके ट्वीट का कोई जवाब नहीं दिया था। जिस पर अमिताभ ने फिर से ट्वीट कर गुस्से वाला साइन बनाया था। इसके बाद सोनम ने उनसे थैंक्यू कह कर माफी मांगी थी।

4.कुमार विश्वास की बजाए अमिताभ को ही क्रिटीसाइज करने लगे

कुछ महीने पहले कुमार विश्वास ने हरिवंश राय बच्चन की ‘नीड़ का निर्माण’ कविता गाई थी जिसके बाद इसे यूट्यूब पर अपलोड कर दिया गया था। हालांकि सभी ने इसकी तारीफ की थी पर अमिताभ का रिऐक्शन उल्टा था। ट्वीट कर उन्होंने लिखा कि, ‘‘ये कॉपीराइट का उल्लंघन है। हमारा लीगल डिपार्टमेंट इस बात की सुध लेगा।’’ जिस पर कुमार विश्वास ने ट्वीट कर जवाब दिया था कि, ‘‘सभी की तारीफ मिली और आपका लीगल नोटिस। बाबूजी का वीडियो डिलीट कर रहा हूं। साथ ही 32 रूपए भेज रहा हूं जो इससे कमाए है।’’ पूरी खबर पढ़ने के लिए इस पर क्लिक करें –  कुमार विश्वास से भिड़ गए अमिताभ, लोगों ने बिग बी को सुनाई खरी-खरी

5. जीएसटी

1 जुलाई, 2017 को लागू हुआ था। इससे पहले जीएसटी के प्रमोशन करने को लेकर एक्टर अमिताभ के साथ में एक वीडियो शूट किया गया था। जिसे 19 जून, 2017 को जारी किया था जिसमें वह जीएसटी से जुड़े फायदे के बारे में बता रहे थे। यह एड 40 सेकेंड का था। लेकिन इसे प्रमोट करना अमिताभ के लिए भारी पड़ गया।

जिसके लिए उन्होंने ट्वीट कर सफाई दी थी और कहा था मैंने इसके लिए कोई पैसे नहीं लिए है। कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा था कि, ‘‘वह आदरणीय व्यक्ति हैं लेकिन जरूरी नहीं कि वह भाजपा के मूर्खता भरे कार्य का हिस्सा बनें। देश में इस जीएसटी से कोई खुश नहीं है।’’ आपको बता दें कि जीएसटी को पास करने में कांग्रेस का पूरा सहयोग था।

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