Friday, October 20th, 2017 13:14:44
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त्यौहारी खरीदारी में स्मार्ट बॉयर बनें




त्यौहारी खरीदारी में स्मार्ट बॉयर बनेंBusiness

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त्यौहार-ऑफर-लगातार। इतने कि समझ से परे हो जाते हैं। पूरे बाज़ार भरे पड़े हैं सामानों से, एक से बढ़कर एक। दाम भी ऐसे कि आप और हम ललचाए रहते हैं। लेना कम, ऑप्शन बहुत सारे। ऑफर पर ऑफर इतने कि कन्फ्यूज करते हैं कौनसा लें, कहां से लें वगैरह-वगैरह। करें तो क्या करें?

यही सीन हमें लगातार देखने को मिलता है। कहीं कोई इसे समझकर सही और फायदेमंद खरीददारी कर लेता है तो कहीं कोई ठगा जाता है। यूं तो ये ऑफर सालभर कुछ न कुछ ढंग से आते रहते हैं किंतु ये त्यौहारों पर विशेष रूप से आते हैं। इन्हें पता होता है कि इस समय सभी को कुछ न कुछ खरीदना होता है। बाज़ार में मंदी का समय चल रहा है। नोटबंदी, जीएसटी इत्यादि कानूनों ने बाज़ार की कमर तोड़ रखी है। ऐसे में सभी को अपना-अपना माल बेचना है जो इतना आसान नहीं है। यही वजह है कि बेचने वाले कुछ ना कुछ नया करके उपभोक्ताओं को आकर्षित करना चाहते हैं साथ ही साथ वह फायदा भी अधिक वसूलना चाहते हैं। ऐसे में कई लोग ठगी से भी बाज नहीं आते। ये लोग ग्राहक से ऐन-केन-प्रकरेण पैसा वसूलना चाहते हैं, कहेंगे क्या करेंगे क्या? बेचने के तरीके इतने इज़ाद कर लिए जाते हैं कि ग्राहक आकर्षित हुए बिना नहीं रहते और यह तय नहीं कर पाते कि क्या लें और क्या न लें? कौन सी चीज कितनी कीमत में सही है? कौन सा प्रोडक्ट उनके लिए सही है?

ऐसे में ग्राहकों का स्मार्ट बॉयर होना जरूरी है अन्यथा उनका ठगना या सही वस्तु सही दाम पर ले पाना मुश्किल होगा।

# स्मार्ट बॉयर मतलब क्या?

स्मार्ट बॉयर मतलब वो बॉयर जो स्मार्टली अपने सामान को प्लान कर बाज़ार से सही प्राइज़ में सही वस्तु ले पाए। उसके लिए उसको यह समझ होना चाहिए कि-

1. पहले पहल उसे सही मायने में किस चीज़ की जरूरत है। उसकी कितनी उपयोगिता है? आवश्यक हो तभी खरीदने का मन बनाएं। कारण अधिकांश लोगों के पास पैसा लिमिट में होता है और आवश्यकता या चाहत बहुत ज़्यादा होती है। अतः उसे सही वस्तु का चयन बहुत सोच समझकर करना चाहिए। तय करते वक्त यह भी सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि ये वही वस्तु है ना जिसकी उसको जरूरत है।

2. क्या लेना है? यह तय करने के बाद अगला पढ़ाव कहां से लेना है? यह वस्तु कहां पर सही मिल रही है और सही प्राइज़ में मिल रही है? उसके लिए ऑनलाइन, मार्केट में जा कर, देख कर पहले सुनिश्चित कर लेना चाहिए। साथ ही तय करते वक्त यह भी पता कर लेना चाहिए कि खरीदने के बाद यदि उस प्रोडक्ट में कोई दिक्कत आती है तो कहां पर अच्छी सर्विस मिल सकेगी। कोई दिक्कत तो नहीं आएगी।

3. ऑनलाइन सेल भी हमें बहुत आकर्षित करती है। आजकल इसका बोलबाला है किंतु यहां धोखे के चांस बहुत ज़्यादा होते हैं। खरीदने के बाद भी बहुत परेशानी आती है। प्राइज़ भले हमें आकर्षित करती है किंतु दूसरी बातें परेशानी में डाल देती हैं और हम ठगा सा महसूस करते हैं। कारण यहां मालिक सामने नहीं होता। हर काम ऑनलाइन ही डील होता है। यह दिक्कतें सीधे बाज़ार में जाकर लेने से कम हो जाती है। हो सकता है हमें वहां कीमत कुछ ज़्यादा देना पड़े। यह हमें तय करना है कि हमारे लिए कौन सी चीज़ कहां लाभदायक है। आगे-पीछे का सभी सोच कर ही निर्णय करना चाहिए।

दिवाली के त्यौहार पर इन तमाम बातों को ध्यान में रखकर ही खरीददारी करें। हमारे खून-पसीने के पैसे को हम यूं ही ज़ाया नहीं जाने दे सकते। जितना हम समझ-बूझ कर विज्ञापनों, ऑफरों के झांसे में आए बगैर निर्णय लेंगे, हम उतने ही स्मार्ट बॉयर बनकर अपने पैसों का बेस्ट यूटिलाइजेशन कर पाएंगे।

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