Monday, October 23rd, 2017 06:26:12
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कैंसर नहीं, बल्कि ये बीमारियां बना रही हैं भारत को “बीमार”




कैंसर नहीं, बल्कि ये बीमारियां बना रही हैं भारत को “बीमार”Health & Food

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भारत में जिस बीमारी से लोगों की मौत ज्यादा होती है, उसे खतरनाक और गंभीर बीमारी मान लिया जाता है। मतलब यहां बीमारी की गंभीरता का अंदाजा उससे होने वाली मौत से लगाया जाता है। जैसे कैंसर को ही ले लीजिए। पिछले दशक में कैंसर से पीडि़त मरीजों की संख्या 46 फीसदी तक बढ़ गई है, लेकिन सिर्फ .15 भारतीय इससे पीडि़त हैं और मरने वालों की संख्या मात्र 8 फीसदी है। कैंसर ही क्यों, डेंगू और हार्टअटैक भी कुछ ऐसी ही खतरनाक बीमारियों में गिनी जाती हैं।

लेकिन सच तो ये है कि भले ही ये बीमारियां खतरनाक हैं, लेकिन भारत को कोई और ही दो बीमारियां बीमार बना रही हैं। जी हां, आज अगर हमारा भारत कोई दो गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है तो वो है प्रोटीन, विटामिन, आयरन की कमी और टीबी। देश की करीब 46 फीसदी आबादी किसी के किसी प्रकार के कुपोषण का शिकार है, जबकि 39 फीसदी लोग टीबी की गिरफ्त में हैं।

हार्ट डिसीज और डायबिटीज हैं गंभीर बीमारियां-

हकीकत में देखा जाए तो भारत में डायबिटीज और हार्ट डिसीज सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रही हैं। हर साल देश में हार्ट डिसीज से 5.5 करोड़ लोग प्रभावित हो रहे हैं वहीं 6.5 करोड़ लोग डायबिटीज के मरीज है। डायबिटीज के मरीजों की बीमारी तो गंभीर होती है, लेकिन इससे मरने वालों की संख्या बहुत ही कम होती है। आंकड़ों के अनुसार भारत में केवल 3 फीसदी मौत ही डायबिटीज के कारण होती हैं। हां, कभी इलाज अगर ठीक से नहीं हो पाता, तो ऐसी स्थिति में मौत हो सकती है। जबकि हार्ट डिसीज से ज्यादातर मौतें होती हैं। कारण ये कि इसके शिकार ज्यादातर बुजुर्ग होते हैं और इलाज बहुत महंगा होता है। यह खुलासा मेडिकल जर्नल लांसेट में 2016 में प्रकाशित हुए ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीज के डेटा से हुआ है। भारत से संबंधित डाटा डोमेस्टिक सर्वे , रजिस्ट्रीज, मौत के कारण संबंधित डाटा से जुटाए गए थे। यूनिट लेवल एसआरएस डाटा सरकार नेे मुहैया कराए थे।

कुपोषण भी हैं गंभीर बीमारी-

कुपोषण भी भारत की सबसे गंभीर बीमारी है। देश में 60 करोड़ से ज्यादा लोग आयरन, प्रोटीन, विटामिन की कमी के कारण सबसे ज्यादा स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।

52 करोड़ लोग टीबी के शिकार-

आपको जानकर हैरत होगी कि भारत में टीबी भी तेजी से अपने पैर पसार रही है। भारत में ही 52 करोड़ लोग टीबी से जूझ रहे हैं। हालांकि टीबी से होने वाली मौत एक तिहाई कम हो गई है। लेकिन ये एक दशक में 20 फीसदी फैली है। इसके अलावा डायरिया और कफ आदि से 8 करोड़ लोग पीडि़त हैं। देश को इन बीमारियों से निजात दिलाने के लिए सरकार को ही कोई कड़े कदम उठाने होंगे।

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