Friday, October 20th, 2017 18:11:11
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कभी शादियों में गाते थे जगजीत सिंह




कभी शादियों में गाते थे जगजीत सिंहEntertainment

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जब भी इंसान को दर्द और रूमानी आवाज़ की जरूरत होती है वो अनायास ही जगजीत सिंह की गजलों की ओर खिंचा चला जाता है। उनकी आवाज में वो प्यार और वो दर्द होता है जो टूटे हुए दिल के दर्द को जानता है। वैसे महान गजल सम्राट जगजीत सिंह की ज़िन्दगी में भी काफी ऐसे मोड़ आए जहां वो खुद को संभाल न सके। आज उनकी पुण्यतिथी के मौके पर हम आपको उनकी लाइफ के कुछ ऐसे ही मोड़ के बारे में बताएंगे…

1. हम सभी को खूबसूरत गजल देने वाले जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को बीकानेर के श्रीगंगानगर में हुआ था। बचपन के दिनों से ही जगजीत सिंह की संगीत के प्रति रूचि थी। उन्होंने संगीत की शिक्षा उस्ताद जमाल खान और पंडित छगनलाल शर्मा से हासिल की।

2. बात अगर इनकी पढ़ाई की करें तो जगजीत सिंह शुरूआती शिक्षा पूरी करने के बाद पढ़ने के लिए जालंधर आ गए। यहां उन्होंने डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और इसके बाद कुरूक्षेत्र विश्वविधालय से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया।

3. जगजीत सिंह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद संगीत की दुनिया में अपना करियर बनाने के लिए मुंबई आ गए। यहां उन्होंने अपना करियर शुरू किया और इसके बाद साल 1969 में महशूर गायिका चित्रा से प्रेम विवाह रचाया।

4. जगजीत सिंह के बारे में कहा जाता है कि जब वे मुंबई में नए-नए आए थे तो उनके पास खाने के भी पैसे नहीं थे। ऐसे में घर चलाने के लिए वो शादियों में गाते थे।

5. जगजीत सिंह अपनी ज़िन्दगी में परेशानियों से नहीं घबराते थे लेकिन जब साल 1990 में उनके इकलौते बेटे की एक्सीडेंट में मौत हो गई तो वे बुरी तरह टूट गए। इस समय वे कम से कम 6 महीने तक सदमे में रहे।

6. जगजीत सिंह संगीत के ऐसे फनकार थे जिनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। दिल, मुहब्बत, जज्बात, जुदाई को सुरो में कहना तो कोई जगजीत सिंह से सीखे।

7. जगजीत सिंह की वाइफ चित्रा सिंह जो बाद में उनसे अलग हो गई थी वो जगजीत सिंह के जाने के बाद कभी उनकी गजलों को नहीं सुन पाई। उनका कहना है कि उन्हें सुनकर वो खुद को संभाल नहीं पाती और उनकी आंखें भर आती है।

8. जगजीत सिंह की फेमस गजलें होठों से छू लो तुम, तुमको देखा तो ये ख्याल आया, झुकी-झुकी सी नजर, कोई फरियाद, चिट्ठी ना कोई संदेश, तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो, होश वालों को ख़बर क्या जैसी गज़लें इंसान को प्यार करने और जीने का सलीका सिखाती हैं।

9. जगजीत सिंह की मौत 10 अक्टूबर 2011 को हुई थी। 22 सितंबर को वे मुंबई में गुलाम अली साहब के साथ कार्यक्रम करने वाले थे लेकिन ब्रेम हैमरेज की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा और यहीं उनकी मृत्यु हो गई।

10. महान गजल गायक जगजीत सिंह को संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री और पद्मविभूषण से नवाजा गया है। जगजीत सिंह आज हमारे बीच तो नहीं है लेकिन उनकी गजलें आज भी उन्हें हमारे बीच ज़िन्दा रखती हैं।

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