Friday, October 20th, 2017 12:27:49
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यूनिवर्सिटी में अपनी से ज्यादा उम्र के बच्चों की क्लास लेता है ये 14 साल का बच्चा




यूनिवर्सिटी में अपनी से ज्यादा उम्र के  बच्चों की क्लास लेता है ये 14 साल का बच्चा

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14 साल की उम्र बड़ी ही नाजुक होती है। इस उम्र में बच्चों को न तो पढ़ाई का ज्यादा टेंशन रहता है और न ही दुनिया की तमाम टेंशन। इस उम्र के बच्चों को तो दोस्तों के साथ मस्ती करते देखा जाता है। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि 14 साल का एक बच्चा यूनिवर्सिटी में पढ़ाता है तो आपको यकीन नहीं होगा। क्योंकि इस उम्र में किसी बच्चे को यूनिवर्सिटी जाते देखने के साथ ही अपनी से ज्यादा उम्र के बच्चों को पढ़ाना, ये बात कुछ हजम नहीं होती। लेकिन ये हकीकत है। मामला इंग्लैंड  इंग्लैंड की लीसेस्टर यूनिवर्सिटी का है जहां ईरानी मूल का 14 साल का मुस्लिम बच्चा  यूनिवर्सिटी में मैथ्स का प्रोफेसर बन बच्चों की क्लास ले रहा है। इस मुस्लिम बच्चे का नाम है याशा एस्ले, जो लीसेस्टर यूनिवर्सिटी में बतौर अतिथि शिक्षक के रूप में सिलेक्ट हुआ है।

इतना ही नहीं वह इस यूनिवर्सिटी में छात्रों को पढ़ाने के साथ-साथ यहां से अपनी डिग्री भी ले रहा है। यूनिवर्सिटी ने उसकी इस काबिलियत को देखते हुए उसे सबसे कम उम्र के छात्र और सबसे कम उम्र के प्रोफेसर का उपनाम दिया है।

याशा के पिता मूसा एस्ले उसकी इस काबिलियत पर गर्व करते हैं और रोजाना उसे अपनी कार से छोड़ने यूनिवर्सिटी जाते हैं। याशा की गणित में बहुत रुचि है, गणित में अविश्वसनीय ज्ञान को देखते हुए उसके अभिभावकों ने उसे मानव कैल्कुलेटर नाम दे रखा है। याशा अपनी डिग्री कोर्स खत्म करने के करीब है और जल्द ही पीएचडी शुरू करने वाला है।

याशा कहते हैं कि उन्होंने 13 साल की उम्र में यूनिवर्सिटी से इस बारे में संपर्क किया था। यूनिवर्सिटी ने उनकी कम उम्र को देख सवाल किए, लेकिन जब जवाब उम्मीदों से आगे मिले तो गणित पैनल उनके ज्ञान को देखकर हैरान रह गई। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने याशा को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त किया। यूनिवर्सिटी को ईरानी मूल के याशा को अतिथि शिक्षक का पद देने के लिए मानव संसाधन विकास विभाग से विशेष अनुमति लेनी पड़ी।

यूनिवर्सिटी ने जब यह बात लीसेस्टर काउंसिल के सामने रखी तो काउंसिल को यकीन ही नहीं हुआ कि 14 साल के किसी बच्चे   के पास इतना नॉलेज हो सकता है और वह क्लास में खड़ा होकर अपने से अधिक उम्र के बच्चों को पढ़ा सकता है। लेकिन जब परिषद के अधिकारी याशा से मिले तो आश्चर्यचकित
रह गए।

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